हरियाणा सरकार ने प्रदेश के लाखों परिवारों को बड़ी राहत देते हुए परिवार पहचान पत्र (PPP) से जुड़ा अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ कहा है कि कृषि से सालाना ₹5 लाख तक आय वाले जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि आय सत्यापन की प्रक्रिया के कारण किसी पात्र परिवार का हक नहीं रुकेगा और सभी योग्य लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
PPP 2.0 प्लेटफॉर्म होगा तैयार
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार जल्द ही PPP 2.0 नाम से नया डेटा प्लेटफॉर्म तैयार करेगी। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य परिवारों की जानकारी को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाना है, ताकि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक आसानी से पहुंच सके।
सरकार का मानना है कि नए सिस्टम से डेटा अपडेट करने और पात्रता जांच की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और तेज होगी।
ग्राम सभा करेगी आय सत्यापन
सरकार अब आय सत्यापन में ग्राम सभा की भूमिका को भी प्राथमिकता देगी। ग्रामीण स्तर पर ग्राम सभा के माध्यम से परिवारों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा, जिससे गलत आय दर्ज होने की समस्याएं कम होंगी।
इस कदम से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी आय रिकॉर्ड में गलत दिखाई देने के कारण योजनाओं का लाभ रुक गया था।
लंबित मामलों का होगा जल्द समाधान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि PPP से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए। कई परिवार लंबे समय से आय सत्यापन और डेटा अपडेट की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि पात्र परिवारों को बिना किसी परेशानी के सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले।
जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा फायदा
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों और ग्रामीण परिवारों को सीधा फायदा मिलने की संभावना है। अब कृषि आय के कारण जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं से बाहर नहीं किया जाएगा और उन्हें समय पर सरकारी सहायता मिल सकेगी।


