अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भीषण तनाव के बीच एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान की जब्त संपत्तियों के 25 फीसदी हिस्से को अनफ्रीज करने पर राजी हो गया है। यह घटनाक्रम मध्य-पूर्व में शांति की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
पाकिस्तान बना मध्यस्थ — नया प्रस्ताव भेजा
ईरान ने पाकिस्तान के जरिये अपना संशोधित प्रस्ताव अमेरिका को भेजा है। इसमें युद्ध की स्थायी समाप्ति, प्रतिबंधों को हटाने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की मांग की गई है।
एक पाकिस्तानी सूत्र ने यह जानकारी देते हुए चेतावनी भी दी कि दोनों पक्षों के पास अपने मतभेदों को दूर करने के लिए ज़्यादा समय नहीं है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने बाद में इस बात की पुष्टि की कि तेहरान के विचार पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिकी पक्ष तक पहुंचा दिए गए हैं, हालांकि उन्होंने इस संबंध में कोई और विवरण नहीं दिया।
अमेरिका ने दिखाया लचीलापन
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने बातचीत में लचीलापन दिखाया है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम पर लगी पाबंदियों का मामला भी शामिल है।
ईरान की तसनीम न्यूज़ एजेंसी का कहना है कि उसे एक सूत्र से पता चला है कि अमेरिका ने बातचीत की अवधि के दौरान ईरान पर लगे तेल प्रतिबंधों में छूट देने पर भी सहमति जता दी है। हालांकि ईरान ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है।
ईरान की मांग — 100% संपत्ति चाहिए
ईरान ने कहा है कि वह पाबंदियों के तहत फ्रीज किए गए सभी फंड्स को अनफ्रीज कराना चाहता है, लेकिन अमेरिका सिर्फ 25% फंड्स को ही अनफ्रीज करने पर सहमत हुआ है। दोनों देशों के बीच यही सबसे बड़ा विवाद का बिंदु बना हुआ है।
कितनी है ईरान की फ्रीज संपत्ति?
ईरान की कुल विदेशी फ्रीज संपत्ति 100 बिलियन डॉलर से अधिक बताई जाती है। इसमें मुख्य रूप से तेल निर्यात से कमाए गए पैसे अलग-अलग देशों के बैंकों में फंसे हैं।
अगर सीधे अमेरिका में फ्रीज संपत्ति की बात करें तो वहां ईरान के लगभग 2 बिलियन डॉलर फ्रीज हैं। लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया, कतर जैसे देशों में रखे ईरान के पैसे भी प्रभावित हैं। जिन देशों में अमेरिका ने ईरान के डॉलर फ्रीज किए हैं, उनमें चीन, भारत, कतर, जापान और इराक शामिल हैं।
ट्रंप का विवादास्पद बयान
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक नया पोस्ट किया जिसमें उन्होंने अमेरिकी मीडिया की जमकर आलोचना की। ट्रंप ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अगर ईरान पूरी तरह सरेंडर भी कर दे, तो भी अमेरिका का मीडिया यही दिखाएगा कि ईरान ने जीत हासिल की है। उन्होंने अमेरिकी मीडिया को “फेक न्यूज़” करार देते हुए कहा कि “डेमोक्रेट्स और मीडिया पूरी तरह से अपना रास्ता भटक चुके हैं।”
होर्मुज स्ट्रेट — दुनिया की धड़कन
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे व्यस्त तेल मार्ग है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान द्वारा इसे बंद करना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा माना जाता है, इसीलिए इसे फिर से खोलना बातचीत का केंद्रीय मुद्दा बना हुआ है।

